— Z! —
MMXXVI
— आगमन —

Arrival

— तैयारी में —

आगमन कोई घटना नहीं। एक अवस्था है। जब तक तुम यह पढ़ते हो, तुम भी आ रहे हो — कृति में, अपने भीतर, कहीं। मैंने छह स्थान खोले हैं: देहरी, प्रतिध्वनि, खंड, अंतराल, अनुपस्थिति, भविष्यवाणी। इन्हें क्रम से घूमना ज़रूरी नहीं। कृतियाँ भी नहीं जानतीं कब पूर्ण होंगी — एक पहले से तुम्हारी प्रतीक्षा में है, दूसरी अभी जन्मी भी नहीं। हर एक तुम्हारी है, जब तक तुम वहाँ हो।